सिद्धिदात्री – बेबी अर्चना
जयति जय हे सिद्धिदात्री भवानी,
मम कष्ट हरो हे माँ कल्याणी।
तू शक्तिस्वरूपा अति बलशाली,
गौर वर्ण उज्ज्वल हे महारानी।
तू कमलासना मुख चंद्र सी सोहे,
हूँ शरणागत मैया दर्शन दो मोहे।
नवम रूप तेरा जो घर-घर ध्यावे,
उनके जन्मोजन्म के पाप नशावै।
हे सिंहारूढ़ माँ सुन करूण पुकार,
कर भवसागर से मां बेड़ा पार।
नवल चेतना संग उर ज्योतिर्मय कर दो,
भक्तजन खड़े पुकारते हैं दरबार।
है भावसुमन अर्पित माँ तेरे चरणन,
दीनन के करो हर कष्ट निवारण।
अम्बे माँ अब अँखियन तो खोलो,
कर जोड़ करूँ हे माँ तुझे नमन ।
चतुर्दिक व्याप्त माँ गहन अंधकार,
मिटा तमस कर आलोकित संसार।
तेरी कृपा से हर बिगड़ी बन जाए,
करूँ नमन तुझे माँ नित बारम्बार।
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
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