बोली बोला, तोल-तोल के – पुनम कुमारी
बोली बोला तोल-तोल के,
बात कहऽ दिल खोल-खोल के।
मीठ बोल से मन हरषाला,
कड़वा बोल दिलवा दुखाला।
बोली में रस घोलऽ भाई,
सोच-समझ के बोलऽ भाई।
शब्द बाण बन जाला कबहूँ,
घाव करे जे भरत न तबहूँ।
मीठ वचन से मान बढ़ेला,
टूटल रिश्ता फेर जुड़ेला।
बोली में अपनापन घोलऽ,
पहिले सोचऽ, फेर मुँह खोलऽ।
बड़का होखे चाहे छोट,
सबके मन में होला चोट।
हँसी-खुशी से जीवन डोलऽ,
प्यार से अपनी बोली बोलऽ।
बोली से पहचान बनेला,
बोली से सम्मान मिले ला।
मीठ वचन के दीपक बोलऽ,
बोली बोला सदा तोल-तोल!
रचनाकार
पुनम कुमारी
उच्च माध्यमिक विद्यालय करजा
प्रखंड – शाहपुर, जिला – भोजपुर
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