रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी


Buty Kumari

रेशम की डोर – ब्यूटी कुमारी

भाई-बहन के रिश्तों की डोर,
बड़ा है अनमोल।
मूल्यों से ना इसे तोल,
रेशम की है डोर।
सावन की पावन पूर्णिमा,
भाई- बहन का दिन स्वर्णिमा।
बहना ने थाल सजाई,
मिठास रिश्तों की मिठाई।
ललाट पर तिलक लगाई,
राखी से सजी भाई की कलाई।
धागा नहीं यह कमजोर,
रिश्ते की है मजबूत डोर।
भाई है बहन का रक्षा कवच
सावन का पावन पूनम दिवस।
बहन ओढ़ ली दुआ की चुनर,
लगे ना भाई को किसी की नजर।
भाई- बहन के रिश्तों की डोर,
बड़ा है अनमोल।
मूल्यों से ना इसे तोल,
रेशम की है डोर।

ब्यूटी कुमारी
प्रधान शिक्षक
दलसिंहसराय,
समस्तीपुर।

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