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कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार

Purushottam Kumar

Purushottam Kumar

कार्तिक अमावस्या – पुरुषोत्तम कुमार

आने वाली है, फिर काली अमावस्या रात,

पर इस रात की अलग होगी बात।
न तो कहीं तम का साम्राज्य होगा,

न तो कहीं भय का आगाज होगा।
होगी चारों तरफ केवल प्रकाश ही प्रकाश,

हर जीव के जीवन में होगा उल्लास।

सब मिलकर लक्ष्मी गणेश का पूजन करेंगे,

रात का स्वागत सब मिलकर करेंगे।
हर घर की सफाई होगी इसके आने से पूर्व,

हर दिल में अंगराई होगी इसके आने से पूर्व।
राम के आगमन से अंधकार भी प्रकाश बन जाता है,

जहां सुमिरन वो भगवान का वहां हर विनाश टल जाता है।
आओ सब मिलकर कार्तिक अमावस्या का स्वागत करें,

मन के तिमिर को ज्ञान से जाग्रत करें।
दीप जलाएं, खुशियां मनाए,

ज्ञान का प्रकाश चहुं ओर फैलाएं।
हर दिल में उल्लास का संचार करें,

अयोध्या बने हर घर ऐसा आश करें।
हो मुस्कान हर चेहरे पर, ऐसा प्रयास करें,
जग में हो शांति ऐसा अरदास करें।

पुरुषोत्तम कुमार
प्रधान शिक्षक
उर्दू प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर गोलघर अंचल पटना।

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