शिक्षक हूँ मैं : शिष्य के भविष्य का शिल्पकार — उमेश कुमार सिन्हा
शिक्षक हूँ मैं, शिक्षा से मेरा अटूट प्रेम,
शिक्षा और शिक्षार्थी के बीच रहकर,
बाँटता हूँ ज्ञान, बाँटता हूँ प्रेम।
प्रेम से बच्चों की प्रतिभा पहचानता हूँ,
खेल-खेल में उन्हें नई बातें सिखाता हूँ।
उनके मन से अज्ञान का अँधियारा हरता हूँ,
ज्ञान का दीप जलाकर उजियारा करता हूँ।
अंग्रेज़ी और हिंदी की वर्णमाला सिखाता हूँ,
एक-एक अक्षर से उनका परिचय कराता हूँ।
बिना मात्रा से मात्रा वाले शब्द बनवाता हूँ,
शब्दों को जोड़कर वाक्य बनाना सिखाता हूँ।
श्यामपट्ट पर लिखकर अक्षरों का ज्ञान कराता हूँ,
ह्रस्व-दीर्घ मात्राओं का अंतर समझाता हूँ।
स्वर और व्यंजन जब आपस में मिल जाते हैं,
तब शब्द और वाक्य नए-नए बन जाते हैं।
पुस्तक के सुंदर वाक्य जब बच्चे पढ़ते हैं,
खुशी से उछलते हैं, आगे बढ़ते हैं।
पुस्तक में लिखे भाव जब वे समझ पाते हैं,
अपने शिक्षक के प्रयासों को सफल बनाते हैं।
बच्चों को पढ़ना आता है, तो मन हर्षाता है,
शिष्य की सफलता से शिक्षक भी मुस्कुराता है।
प्रेम और विश्वास का ऐसा रंग चढ़ता है,
गुरु और शिष्य का रिश्ता अटूट बनता है।
समय को व्यर्थ गँवाना उचित नहीं होता है,
ज्ञान बाँटने से ही जीवन सार्थक होता है।
विद्या के दान से बच्चों का भविष्य सँवरता है,
शिक्षक के कर्मों से समाज का मान बढ़ता है।
बच्चों के मन को समझना भी जरूरी है,
उनके भावों को पढ़ना भी जरूरी है।
अभिभावक और शिक्षक जब मिलकर साथ निभाते हैं,
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के मार्ग खुल जाते हैं।
बच्चे भावुक होते हैं, उन्हें प्यार चाहिए,
उनके मन को शिक्षक का दुलार चाहिए।
नहीं चाहिए तन पर चोट, न मन पर घाव,
स्नेह से खिल उठता है उनके जीवन का भाव।
मेरे शिष्य मेरे विद्यालय की धरोहर हैं,
उनमें ही आने वाले कल के सुनहरे स्वर हैं।
मेरे विद्यालय से उनका भविष्य सँवर जाए,
उनके जीवन में ज्ञान का सूरज उग आए।
अनर्गल बातों से कोई समाधान नहीं होता,
बिना स्नेह के शिक्षा का सम्मान नहीं होता।
शिक्षक के प्रयास से जीवन सँवरता है,
गुरु-शिष्य का संबंध प्रेम से निखरता है।
शिक्षक हूँ मैं, यही मेरी पहचान है,
बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही मेरा अरमान है।
ज्ञान, प्रेम और संस्कार की ज्योति जलाता अपने शिष्यों के जीवन को रोशन बनाता रहूँ।
उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक
डिसेंट एकेडमी वाया स्कूल
गोस्वामी तुलसीदास पथ, लालापुल रघुनाथपुर
अंचल- ब्रह्मपुर
जिला – बक्सर

