गुरु महिमा-देव कांत मिश्र दिव्य

गुरू महिमा पान सुधा रस ज्ञान गुरु, इसे लीजिए जान। चाह ज्ञान की सब रखें, करें सदा सम्मान।। राग द्वेष रखते नहीं, नहीं मान अभिमान। समदर्शी रहते सदा, देते विद्या…