प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

मनहरण घनाक्षरी छंद हर साल नवरात्रि, माता की चरण आवे, पूजा बिना सुना लगे महल अटरिया। धन पद सुत दारा, कुछ दिनों का सहारा, चाहत में यूं ही सारी बीती…

माता रानी- नीतू रानी

गज चढ़ी अहाँ एलौं हे माता रानी, जेती गज चढ़ी भगवती। माँ हँसति खल-खल दाँत झल-झल, रुप सुन्दर भगवती। गज चढ़ी अहाँ———2। माँ बाम छूरा दहिन खप्पर, महिषासुर केए मारती।…

कत्यायनी माता- नीतू रानी

कत्यायनी माँ एली हे मैया , नौ रुप में अहाँ भगवती। माँ सिंह सवारिनी त्रिशूल धारिणी, महिषासुर केए मारती। कत्यायनी माँ———-2। माँ शंख गहि-गहि चक्र गहि-गहि गले मुंड माला शोभति।…

कुंडलिया- देव कांत मिश्र ‘दिव्य

माता की आराधना, करो सदा प्रणिपात। अंतर्मन के भाव में, भरो नहीं आघात।। भरो नहीं आघात, कर्म को सुंदर करना। मन की सुनो पुकार, पाप को वश में रखना। पढ़कर…

कविता-कुमकुम कुमारी

मनहरण घनाक्षरी श्रीकृष्ण 1:- हे कान्हा सुनो पुकार, हम आए तेरे द्वार, विनती करो स्वीकार, भव पार कीजिए। दे दो आशीष अपार, हो प्यारा यह संसार, तुम हो प्राण आधार,हमें…

कबीर दास

कबीर दास जी की जयंती पर याद करते हुए… 🙏     सच से सामना करवाते है।   झूठ – अंधविश्वास को आईना दिखाते है।   कोई चाकू,बंदूक तलवार नही…

माँ दुर्गा-देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

माँ दुर्गा दुर्गतिनाशिनी माँ दुर्गा की, होती जय-जयकार। आदिशक्ति जगदंबा की है, महिमा अपरंपार।। निर्मल मन से जग जननी के, करें विमल-गुणगान। सद्विचार श्रद्धा अर्चन से, पाएँ शुभ वरदान।। नेह…

जय शिव – रूचिका

जय शिव नीलकंठ, महादेव, भोलेनाथ, त्रिपुरारी बीच मँझधार हम पड़े बाधा हरो हमारी, तुम चन्द्रशेखर,शिव शंभु भोलेनाथ हो, तेरे ही महिमा से संकट जाये सब टारी। तुम आदि हो ,अनंत…

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