प्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमार
प्रकृति के प्रागंण में
अलौकिक आनंद है इस आंगन में, प्रकृति के प्रागंण में।
चिड़ियों की चहचहाट में,
पतियों के सरसराहट में,
घासों की हरियाली में,
गिलहरियों की खुशहाली में, भ्रमर की मतवाली में,
अद्भुत आनंद है इस फुलवारी में।
फूलों की मुस्कुराहट में,
कोयल की गुनगुनाहट में,
मंद पवन की सनसनाहट में, आनंद ही आनंद है प्रकृति के इस सजावट में।
पुरुषोत्तम कुमार
प्रधान शिक्षक
उर्दू प्राथमिक विद्यालय लोदीपुर गोलघर अंचल पटना
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