जिंदगी क्या है?
ईश्वर में आस्था रखते हुए स्थितप्रज्ञ और आत्मभाव में स्थित होकर निरंतर कर्म करने का नाम है जिंदगी !
निरंतर श्रेष्ठता का वरण, निरंतर अध्ययनशीलता, कर्त्तव्यपरायणता और कार्यकुशलता का नाम है जिंदगी !
सद्व्यवहार, सद्विचार, सदाचार, सद्भाव, सत्कर्म का नाम है जिंदगी !
ईश्वर में विश्वास, स्वयं में विश्वास, पारिवारिक संस्कारों में विश्वास का नाम है जिंदगी !
अपने कुलाचार(कुल की पवित्र परम्परा) की रक्षा का नाम है जिंदगी !
पल-पल स्वयं को शिक्षित करने और आत्मनिर्माण का नाम है जिंदगी !
अपनी प्रगति के साथ-साथ परोपकार करने का नाम है जिंदगी !
सार्थक श्रम से जो मिले, उसमें संतोष करने का नाम है जिंदगी !
अभीष्ट लक्ष्य की पूर्ति की दिशा में निरंतर अभ्यास और दृढ़संकल्प प्रयास का नाम है जिंदगी !
धैर्य, धर्म और साहस को नहीं त्यागने का नाम है जिंदगी ।
विपरीत परिस्थितियों से घबराएं नहीं, उसमें धैर्यपूर्वक संभावनाएं और अवसर खोजें। सर्वोत्तम के लिए प्रयास और विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयार रहने का नाम है जिंदगी !
श्रेष्ठ दृष्टि(vision), वैज्ञानिक एवं तार्किक सोच तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण(scientific temperament) का नाम है जिंदगी !
सतत आगे बढ़ते रहने की लगन का नाम है जिंदगी !
अपनी मातृभूमि, मानवता और प्रकृति की सेवा का नाम है जिंदगी गिरीन्द्र मोहन झा(स्वरचित)

