हौसला-पद्यपंकज

कर्मयोगी – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

जीवन में कुछ करना है तो, मन को मारे मत बैठो। बनकर दीन–हीन ऐ बंदे, हाथ पसारे मत बैठो। माना अगम अगाध सिंधु है, हार किनारे मत बैठो। छोड़ शिथिलता…

शुभागमन-विवेक कुमार

शुभागमन निश्छल चंचल मन, आंखों में संजोएं, सपनों की उमंग, फंख फैलाए भरने को गगन की उड़ान, नव आगंतुकों हेतु सज चुका है, शिक्षा का दरबार, आइए पधारिए हमारे भविष्य…

हौसला – कुमकुम कुमारी

हौसला देखो आँसू न बहाना, तुम हरदम मुस्कुराना। चाहे लाख तूफाँ आए, कदम पीछे न हटाना।। सदा आगे बढ़ते जाना, देख बाधा न घबराना। अपनी मंजिल पाने को, तुम तूफाँ…

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