Prem-पद्यपंकज

बचपन-रूचिका राय

बचपन बचपन का वो मासूम जमाना, माँ पापा का गोद था ठिकाना, नही फिकर नही कोई चिंता, हर गम से दिल था अनजाना। वो बात बेबात रूठना मनाना, शोरकर घर…

चाचा नेहरू-विवेक कुमार

चाचा नेहरू निश्छल निर्मल स्वर्ण धरा पर, कोमल संग मुस्कान लिए, कच्ची मिट्टी सा मन है जिसका, भविष्य जिसके भाल है, नव निर्माण का जो आधार, जिसके मन भांप बजाते…

बाल दिवस-ब्यूटी कुमारी

बाल दिवस तिथि नवंबर चौदह आता है हर साल चाचा नेहरू का जन्मदिन कहलाता दिवस बाल। दिल के भोले मृदु मुस्कान कोमल पंखुड़ियों वाला भाता उनको फूल गुलाब। करते थे…

अशोक कुमार-प्यारी मां

प्यारी मां प्यारी मां प्यारी मां, सबसे अच्छी मेरी मां। जब जब मैं रोता, मुझे चुप कराती मां।। मुझे दूध पिलाती मां, अंगुली पकड़कर चलना सिखाती। जब मैं गिर जाता…

गांव हमारा-ब्यूटी कुमारी

गांव हमारा सबसे प्यारा गांव हमारा सबसे अच्छा गांव हमारा। हृदय में बसती दुर्गा माता विद्या मंदिर है सिरमौर ब्रह्म स्थान है इसका प्रहरी बलान नदी जीवन रेखा छोटा सा…

हमारी संस्कृति की पहचान गंगा-बीनू मिश्रा

हमारी संस्कृति की पहचान गंगा मैं हूँ गंगा, भारतीय संस्कृति की पहचान कैसे व्यक्त करूं मैं अपनी व्यथा खो रही हूं मैं अपना रंग रूप प्राकृतिक छटा का दिव्य स्वरूप…

करवाचौथ त्योहार-विवेक कुमार

करवाचौथ त्योहार पति पत्नी का प्यार, जीवन का है आधार, प्यार और सम्मान से जग में मिलता मान, दोनों का त्याग, समर्पण और विश्वास, इसे बनाया आगढ़, संगनी का आधार,…

SHARE WITH US

Share Your Story on
info@teachersofbihar.org

Recent Post