Tag: अमरनाथ त्रिवेदी

Amarnath Trivedi

प्रेम संदेश – अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम संदेश – अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:24 pm

प्रेम सदा अपनाओ जग में , प्रेम सदा अपनाओ रे । लेकर कुछ नही जाना वन्दे , प्रेम सदा बरसाओ[...]

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Amarnath Trivedi

कर्म का रहस्य -अमरनाथ त्रिवेदीकर्म का रहस्य -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:48 pm

सम्बल तप -त्याग का , चला रहा संसार को । कर्मपथ निष्कंटक नही, बतला रहा निज सार को । है[...]

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Amarnath Trivedi

प्रकृति का तांडव-अमरनाथ त्रिवेदीप्रकृति का तांडव-अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 9:15 pm

सांसारिक क्लेश अब, नस -नस में चुभने लगी है । सत्प्रयोजनों से नाता , ज्यों छूटने लगी है । हमीं[...]

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Amarnath Trivedi

कर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदीकर्त्तव्य बोध -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:33 pm

पुरातन से ओजस्विता लिए , विचरण हम जब – जब करते हैं । सत्य -दृढ़ अनुशीलन पर , तब मार्ग[...]

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