Author: Anupama Priyadarshini

अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध

0 Comments 11:56 am

अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “कविता -: शीर्षक- “ज्ञानी ककहरा “

0 Comments 11:55 am

कविता -: शीर्षक – “ज्ञानी ककहरा” क, से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख,से खरगोश है, उजला – उजला, ग, से[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

“पहली कक्षा के बच्चे” कविता“पहली कक्षा के बच्चे” कविता

0 Comments 11:54 am

पहली कक्षा के बच्चे, दिखते भोले- भाले, होते मन के सच्चे । पहली कक्षा के बच्चे, पहली कक्षा के बच्चे[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Sanjay Kumar

अररिया की धरती बहुत याद आएगी -श्री संजय कुमारअररिया की धरती बहुत याद आएगी -श्री संजय कुमार

0 Comments 8:41 am

लूना, बखरा और परमार की धार, सदियों से जिसके पाँव पखार रही है। अररिया की धरती बहुत याद आएगी। परती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें