Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

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ममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रविममतामई माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 10:25 am

जननी जगत त्राता ममतामई हैं माता, पूजन भजन कर, पाते हैं आशीष लोग। शरण में जो भी आता मन चाहा[...]

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अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’अष्टमी का महाव्रत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:28 am

भारत में नर-नारी समूल संकट हारी, श्रद्धा पूर्वक रखते, अष्टमी का उपवास। गृहस्थ हो याकि संत, भक्ति भाव में हो[...]

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जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जननी जगदम्बा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:17 am

मनहरण घनाक्षरी छंद कहते हैं साधु संत जिनका न आदि अंत, असीम आनंद पाते, करते जो ध्यान हैं। श्रद्धा भक्ति[...]

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मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’मां का दरबार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 7:43 am

विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद अक्षत चंदन संग पूजन की थाल लिए, आते रोज नर-नारी, मां के दरबार में। अखियाँ तरस[...]

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माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद रविमाता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:35 pm

प्रभाती पुष्प 🌹🙏🌹🙏🌹🙏 माता की आराधना आश्विन पावन मास, मंगल दिवस खास, भक्त जन करते हैं माता की आराधना। शरण[...]

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गुरु को नमन – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुरु को नमन – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:19 pm

कीर्तन भजन करें, गुरु को नमन करें, दिवस की शुरुआत करें ईस्ट ध्यान से। नित्य दिन सैर करें- सूर्योदय से[...]

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किसान हुआ लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’किसान हुआ लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:32 am

प्रभाती पुष्प किसान हुआ लाचार रूप घनाक्षरी छंद फसलों की उपज का मिलता नहीं है भाव, एक किनारे में खड़ी,[...]

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जी का जंजाल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जी का जंजाल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:14 pm

रूप घनाक्षरी छंद कार्य करने से पूर्व फल पे विचार करें, बिना सोचे करने से, जी का बनता जंजाल। स्थाई[...]

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ऋतु का एहसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’ऋतु का एहसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:11 am

खिल गई कड़ी धूप समय के अनुरूप, काली घटा छट गई, साफ हुआ आसमान। झूमती पेड़ों की डाली मही पर[...]

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बुजुर्गों का सम्मान करें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बुजुर्गों का सम्मान करें – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 5:58 pm

विद्या:-रूप घनाक्षरी छंद बुजुर्गों का ध्यान धरे, हमेशा सम्मान करें, परिवार की वे जड़, घर की वे बुनियाद। हमेशा आशीष[...]

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