राष्ट्रीय महिला दिवस – रामकिशोर पाठक

ram किशोर

सदा शक्ति की सूचक नारी
सृष्टि आधार है कहलायी।
आओं नमन करें हम उनको
जो भी यादों में बस पायी।
हर वर्ष तेरह फरवरी को
सबने महिला दिवस मनायी।
याद करें उन महिलाओं को
जो है सबको राह दिखायी।
जल थल नभ ने महिलाओं की
है गाथा नित्य नयी गायी।
लेकर रूप स्वर कोकिला का
लता मंगेशकर है भायी।
हैं असंख्य महिलाएँ जिसने
अपना हीं परचम लहरायी।
पहली कादम्बिनी गांगुली,
चंद्रमुखी स्नातक कहलायी।
प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति बनी
है प्रथम नागरिक कहलायी।
प्रथानमंत्री बनी इंदिरा
भारत रत्न सम्मान पायी।।
सरोजनी नायडू ने यहॉं
राज्यपाल की गरिमा पायी।
नाम सुचेता कृपलानी की
मुख्यमंत्री रूप में आयी।
बनकर प्रथम केंद्रीय मंत्री
अमृत कौर थी गौरव पायी।
एवरेस्ट शिखर पर चढ़ाई
बछेंद्री पाल थी कर पायी।
मेजर मिताली मधुमिता ने
शौर्य पुरस्कार प्रथम लायी।
जीतकर कर्णम मल्लेश्वरी
ओलंपिक पदक प्रथम आयी।
पदक जीतकर एशियाड में
कमलजीत संधू घर लायी।
तैरकर आरती साहा थी
इंग्लिश चैनल पार लगायी।
एनी बेसेंट अध्यक्ष जो
कांग्रेस को राह दिखायी।
रीना कौशल दक्षिण ध्रुव में
है लगातार स्की कर पायी।
जमीन छोड़ो अंतरिक्ष में
कल्पना चावला गुंजायी।
है मुमकिन नहीं बयाँ करना
महिलाएँ जो है कर पायीं।
कुछ से ही अनुमान लगा लें
क्या कद हैं महिलाएँ पायीं।

राम किशोर पाठक
प्राथमिक विद्यालय भेड़हरिया इंगलिश पालीगंज, पटना

1 Likes
Spread the love

Leave a Reply