सुनो लाडो!
9-14 वर्ष की उम्र है खास
हार्मोनल बदलाव से
लड़कियों में आता है
कुछ शारीरिक परिवर्तन।
कभी किसी दिन ऐसा होगा
पेट-पेड़ू बड़ा दुखेगा
होगा फिर रक्तस्राव
पहले कुछ समझ न आएगा
मन बड़ा घबराएगा।
लेकिन बात ये
घबराने की न शरमाने की
हिचकने की न झिझकने की
यह शुरुआत है माहवारी की।
इस दौरान
साफ-सफाई का रखना ध्यान
सैनिटरी पैड का करना इस्तेमाल
6-8 घंटे में इसे बदलना
संक्रमण का खतरा रहेगा वरना
अपने अंगों को गुनगुने पानी से धोना
इस्तेमाल किए पैड का
स्वच्छता से निपटान करना।
एक्स्ट्रा सैनिटरी नैपकिन साथ रखना
टिश्यू पेपर्स और एंटिसेप्टिक न भूलना
स्वच्छ माहवारी, स्वस्थ जीवन जीना।
रानी सिंह, पूर्णियाँ, बिहार
Rani Singh


