तिरंगा आन में उसकी शान में उसकी, हाँ! प्राण मुझे लुटाना है। कसम है भारत माता की सदा यूँ तिरंगा[...]
Author: Bhola Prasad Sharma
मैं भोला प्रसाद शर्मा (शिक्षक)प्रा0वि0गेहुँमा(पूर्व)प्रधान शिक्षक के पद पर कार्यरत हूँ ।मेरी शिक्षा स्नातक(हिन्दी)लेखन कार्य में रुची,साहित्य मंच से कुछ सम्मान-पत्र प्राप्त,लगभग दस पुस्तकें में मेरी स्वरचित रचना प्रकाशित,ई-मेग्जीन मासिक पत्रिका निरंतर।
बालमन फिर झूले-भोला प्रसाद शर्माबालमन फिर झूले-भोला प्रसाद शर्मा
बालमन फिर झूले बालमन झूले विद्यालय में बालमन फिर झूले—–2 बच्चे भी आए गुरुवर भी आए, देख दूसरों को फूले[...]
मुझको पता नहीं-भोला प्रसाद शर्मामुझको पता नहीं-भोला प्रसाद शर्मा
मुझको पता नहीं माँ! तो माँ होती है उसमें भरी ममता की छाँव होती है मोह में पड़ी रहती है[...]
पिता-भोला प्रसाद शर्मापिता-भोला प्रसाद शर्मा
पिता पिता जैसा कोई वरदान नहीं पिता जैसा कोई महान नहीं पिता हम आपकी निन्दिया है चमकाती माँ की बिन्दिया[...]
जीवन का आधार-भोला प्रसाद शर्माजीवन का आधार-भोला प्रसाद शर्मा
जीवन का आधार योग जीवन का है आधार गुरु इनके है अपरम्पार मस्त गठिला और मजबूत छिपा है इसमें वह[...]
पिता का चरित्र-भोला प्रसाद शर्मापिता का चरित्र-भोला प्रसाद शर्मा
पिता का चरित्र एक रिश्ता है वो प्यार का, रहकर भी साथ निभा जाते हैं। होंठो पर दिखा मुस्कान वह[...]
पर्यावरण-भोला प्रसाद शर्मापर्यावरण-भोला प्रसाद शर्मा
पर्यावरण सोच-सोचकर ये मन सोच नहीं पाता, क्यों हे! मानव पर्यावरण को छ्लाता। कहता मैं कर्म करता नित भला सबका,[...]
