स्वागत है शिक्षक दिवस का, शाश्वत और सत्य पथ का, आलोक का वह श्रोत है, सरल सहज विनीत है, गरिमामयी,[...]
Author: Giridhar Kumar
एक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमारएक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमार
वह बरगद, वह बरगद की छांव… सभी के लिए स्वीकार मन में, सभी के लिए प्यार मन में, वह छांव[...]
होली-गिरिधर कुमारहोली-गिरिधर कुमार
होली आई है सच में फिर अबकी बार, फिर सजायेंगे हम रंगों की बारात, खुद के कूचे से बनायेंगे, रंगों[...]
लता- गिरिधर कुमारलता- गिरिधर कुमार
वह जो सुरों का साज था, वह जो सुरों की आत्मा थी, जहां बसती थीं भावनाएं, हंसता,रोता था हर कोई,[...]
एक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमारएक श्रद्धांजलि-गिरिधर कुमार
जिनसे सीखे सपने बुनने जिनसे गुनगुनाना सीखा, अलविदा लता आपसे हमने जिंदगी को आजमाना सीखा। सीखा हमने मुहब्बत की लौ[...]
एक कविता,स्वयं के लिएएक कविता,स्वयं के लिए
एक कविता,स्वयं के लिए कुछ सच बताऊं,इससे पहले एक शपथ लेता हूँ आपसे, आप इसे भूलेंगे नहीं, मेरे साथ मेरे[...]
एक कविता, बच्चों के लिएएक कविता, बच्चों के लिए
एक कविता, बच्चों के लिए मेरे बच्चों! आज जरूरी नहीं है बहुत की मैं तुम्हारे प्रति नई शपथ लूँ इस[...]
लक्ष्य के ही गिर्द-गिरिधर कुमारलक्ष्य के ही गिर्द-गिरिधर कुमार
तो क्या हुआ? जो हार गया मैं! अब भी मैं यहीं खड़ा हूँ, पूरे दम खम से, यहीं, यहीं, लक्ष्य[...]
रोको मत टोको मत-गिरिधर कुमाररोको मत टोको मत-गिरिधर कुमार
रोको मत! टोको मत! यहां खुद ही चढ़नी पड़ती हैं सारी सीढियाँ… कोई क्यों बोले कुछ, कोई क्यों टोके कुछ,[...]
उद्बोध-गिरिधर कुमारउद्बोध-गिरिधर कुमार
स्वप्निल सा कुछ, टूटता, सँवरता… जिद से, कभी अपने ही मूल्यों से, अतृप्त, बेपरवाह, अकिंचन, अद्भुत… मनोरोग कोई या जिजीविषा[...]
