पद्यपंकज Prem बच्चे और स्कूल-नीभा सिंह

बच्चे और स्कूल-नीभा सिंह


Nibha

 

बच्चे और स्कूल 

जब हम जाते हैं स्कूल,
सब गम को जाते हैं भूल।😊

बच्चों की हंसी खुशी है मूल,
ये हैं नन्हें मुन्हें फूल।🌹🌹

बच्चे जाते रोना भूल,
मजेदार है अपना स्कूल।

उनके संग हम सीखते सिखाते,
मिलजुल कर हम खुशियाँ मनाते।

भूल कभी जब उनसे होते,
हम उन्हें सही रास्ता दिखाते‌।

जब कभी मन उदास होता,😠
उन्हें देख मन पुलकित होता।😊

उन्हें भी घर में जी नहीं लगता,
स्कूल आने को मन है करता।

प्रतिदिन मोबाइल से वह पूछे,
मैडम स्कूल कब है खुलते ?

बच्चों को हो रहा बड़ा नुकसान,
पर क्या करें, सभी हैं परेशान। 😥

विषम परिस्थिति है अभी देखो,
📱ऑनलाइन से अभी तुम सीखो।

अभी नाजुक समय है भाई,
स्कूल खुलने पर कर देंगे भरपाई।

बच्चों से है स्कूल में बहार,
उनके बिन है सब बेकार।

कब आएँगे वह दिन, वार?😠
जब स्कूल होगा फिर से गुलजार।-2
🌹🌹🧍‍♀️🧍🧍🧍‍♀️🧍‍♀️🌹🌹

नीभा सिंह,
फारबिसगंज, अररिया

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