अहंकार अहंकार के वश में जब मनुष्य हो जाता है, अहंकारी बन बैठ वह अपनी सब सुध-बुध गँवाता है, विनाश की राह के दल-दल में वह धसते ही चला जाता…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
जग में रौशन नाम करो-कुमारी अनु साह
जग में रौशन नाम करो काम करो कुछ काम करो जग में रौशन नाम करो किसी से न डरो तुम अँधेरों से लडो तुम सूरज सा चमको तुम फूलों सा…
सूरज कब आएगा-मनोज कुमार दुबे
सूरज कब आएगा ठिठुरता धारदार मौसम छील-छील ले जाता है त्वचा बींधता पेशियों को गड़ जाता हड्डियों में/ पहुँच जाता मज्जा तक स्नायुओं से गुज़रता हुआ झनझना दे रहा तुम्हें…
बेटी:अधिकार-मधु कुमारी
बेटी : अधिकार बाबा मैं भी अभिमान तुम्हारा मान-सम्मान संग संतान तुम्हारा मुझको भी है पढ़ने जाना शिक्षा का है दीप जलाना शिक्षा का अलख जलाऊँगी पढ़ लिखकर मैं भी…
मीठी बोली-मनु कुमारी
मीठी बोली कड़वी बोली से मानव, संसार में अपयश पाता है। मीठी बोली से हीं वह तीनों लोकों में यश पाता है।। काँव- काँव करके कौआ न, किसी के मन…
मीठी वाणी-एम एस हुसैन कैमूरी
मिठी वाणी मिठी वाणी होती है बड़ी ही प्यारी इससे हो जाते दूर द्वेष, क्लेश सारी। मिठी बोली जान है यही आत्म सम्मान है सभ्यता, संस्कृति की यही एक पहचान…
जीवन-लवली वर्मा
जीवन जीवन एक उत्सव है, जीवन एक त्यौहार है। मिला जो मनुष्य तन, ईश्वर को नमस्कार है। 🌹🌹🌹🌹🌹 जीवन के हर पल को, खुशी होकर है जीना। ऐसा बन जाए…
पेड़-रानी कुमारी
पेड़ सारी सृष्टि सुशोभित मुझसे युगों-युगों से राज है मेरा न जाने कितनी कहाँनियाँ समाहित है मुझमें आज मैं अपने बारे में कुछ बतलाता हूँ हाँ, मैं एक पेड़ कहलाता…
सहयोगी-विजय सिंह नीलकण्ठ
सहयोगी बिन सहयोगी एक पल भी जीना मुश्किल हो जाता है भाई बहन व बेटा बेटी पत्नी सह पिता व माता है। कर सहयोग एक दूजे का खुशियों में समय…
सदाचार-देव कांत मिश्र दिव्य
सदाचार सदाचार का गुण अपनाएँ सच्ची पूँजी इसे बतलाएँ। अमित तोष आनंद बढ़ेगा जीवन मधुरिम और दिखेगा।। अमिय समान बहुत गुणकारी है आभूषण असली प्यारी। मीठे वचन सभी से बोलें…