बाल अधिकार छोटे-छोटे, नन्हें-नन्हें प्यारे-प्यारे दिल के सच्चे बच्चे करते अपने सपने साकार कोमल-कोमल, कोंपल जैसे भोले भाले दे दो इनको इनका हीं “बाल अधिकार” । खेलो-कूदो धूम मचाओ करो…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
सारे जहां से अच्छे चाचा-अवनीश कुमार
सारे जहां से अच्छे चाचा सारे जहां से अच्छे चाचा चाचा नेहरू जाने जाते पंडित नेहरू कहे जाते बच्चों के दुलारे माने जाते सारे हिंदुस्तान में बच्चों की जुबान में।…
पंडित नेहरू और बाल दिवस-शुकदेव पाठक
पंडित नेहरू और बाल दिवस बच्चों के लिए इसे खास बनाएं आओ सभी बाल दिवस मनाएं। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू हुए नेहरू जी को था अंतर्मन से…
बाल अधिकार-मधुमिता
बाल अधिकार चाचा नेहरू के प्यारे ओ देश के दुलारे प्यारे बच्चे हमारे जानो, क्या अधिकार हैं तुम्हारे… जीवन जीने का अधिकार जीयो जी भरके अपना जीवन बाल श्रम में…
बचपन हमें जीने दो-स्वाति सौरभ
बचपन हमें जीने दो किताबों की बोझ तले, न बचपन हमारा दबने दो। कागज की कश्ती से ही, विचारों की धारा में बहने दो।। भीगने दो बारिश की बूंदों में,…
बाल दिवस-स्नेहलता द्विवेदी आर्या
बाल दिवस कर लें थोड़ा हम सद्विचार बच्चों को देख मेरे मन का, संताप सहज खो जाता है। बच्चों के साथ में जीने का, सहचर्य अविरल हो जाताहै। बच्चा बन…
दिवाली संदेश-मधु कुमारी
दिवाली संदेश दिवाली आया, राम राज्य का संदेश है लाया उम्मीदों के जलते दीप संग है लाया लाया खुशियाँ, सुख-समृद्धि का उपहार चारों ओर छाई हर्षोल्लास की बहार । जगमग-जगमग…
बाल दिवस-नूतन कुमारी
बाल दिवस बेहद उत्कृष्ट है 14 नवंबर की गाथा, इस दिन जन्मे थे महान नेहरू चाचा, ह्रदय में उनके बाल प्रेम अथाह, अनंत, थे वो “आराम हराम है” नारे के…
बालदिवस-अशोक कुमार
बालदिवस नेहरू के जन्म दिवस को, बाल दिवस के रूप में मनाएँ। चाचा को बच्चों से था प्यार, इनके जन्म दिवस का करे इजहार।। बच्चों को अधिकार के लिए, चाचा…
इक पल झाँके अंतर्मन-दिलीप कुमार गुप्ता
इक पल झाँकें अन्तर्मन जीवन के रंगमंच पर क्या पाने निकला था क्या लेकर लौट आया कैसे संजोये थे सपने क्या बनकर रह गए बाधाएँ स्वतः आयीं या दिया मौन…