उम्मीदों के नवदीप जलाएँ उर आच्छादित ईर्ष्या-क्रोध-अहम चाहकर भी मिटा ना पाए ये हम घृणा, द्वेष और कलुषित भाव संग भर गया अंतस तक तिमिर सघन बुझे-बुझे से हैं जो…
Category: sandeshparak
Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.
प्रेरणा दीप-दिलीप कुमार गुप्ता
प्रेरणा दीप मन कर्म वचन की मलिनता से बाहर सद्भाव सत्कर्म सदचिंतन नव प्रभात बिखराना है प्रेरणा दीप बन जलना है । पुण्य का कुछ पता नही अगणित पाप किया…
जीवन उत्सव है-अनुज कुमार वर्मा
जीवन उत्सव है जीवन चलने का नाम है, चलते रहना ही जीवन है। सुखऔर दुःख के दो राहों में, संघर्ष कर जीवन को बढ़ाना है। जीवन उत्सव है इसे मनाना…
समर्पण-अशोक कुमार
समर्पण चाह नहीं कष्ट समर्पित, यही अर्पण हमारा। मैं निज काम आऊँ, दीन दुखियों एवं बेसहारा।। अबला को भी सम्मान समर्पित, पुत्र पुत्री में भेद न जाने। जग में समानता…
संघर्ष-भवानंद सिंह
संघर्ष डटे रहो संघर्ष के मैदान में तुम, चाहे पथ में बाधा अनेक हो। एक जूनून पैदा कर कर मुकाबला अपनी नाकामी से। क्यों नाकाम हुए इस पर विचार करो,…
तटस्थता-अर्चना गुप्ता
तटस्थता सभ्यता के इस नए दौर में वो बेबाक़पन, अपनों संग ठहाके और अल्हड़पन जाने कहाँ हो गए गुम ….. जिंदगी की धूप-छाँव में तपिश को झेलते झेलते मनुष्य का…
हमारी खुशियाँ हमारे हाथ-आँचल शरण
हमारी खुशियाँ हमारे हाथ हमारी खुशियाँ हमारे हाथ है! बस इसके लिए हमें मेहनत करना दिन रात है। अच्छे बुरे का फर्क समझना है, सही राह पर चलना है, और…
कर्मफल-संयुक्ता कुमारी
कर्मफल ईश्वर ने तो बनाया यह सुन्दर प्यारा जहान । तेरा मेरा कर के क्यों बनते हैं हम महान।। सारी उम्र लगाते हो काँटों का बगान । फिर जब चुभता…
शिक्षा क्यों-शुकदेव पाठक
शिक्षा क्यों आइए बच्चों हम सभी जानें शिक्षा क्यों जरूरी है ? शिक्षा के माध्यम से हमें सूचना, तथ्य मिलता है। यदि हम इसे नहीं अपनाए तो हम पशु समान…
धूप-छाँव-शालिनी कुमारी
धूप-छाँव यात्रा जीवन की है निराली~~ मद्धम – मद्धम कम होती जाती समझ सके जो समय की घात को, तो सुलझा पाओगे धूप – छाँव की पहेली.. ! जीवन –…