Category: sandeshparak

Sandeshparak poems are poems that are used to convey a message with feelings. Through poems, statements related to the country, the world, and society are transmitted to the people. Teachers of Bihar give an important message through the Sandeshparak of Padyapankaj.

पौध लगाएँ-विजय सिंह नीलकण्ठपौध लगाएँ-विजय सिंह नीलकण्ठ

0 Comments 1:59 pm

पौध लगाएँ चलो सभी जन पौध लगाएँ  वन महोत्सव आया है  हरियाली फैलाने हेतु  बस एक मौका आया है।  बारिश[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

चेतावनी-संजीव प्रियदर्शीचेतावनी-संजीव प्रियदर्शी

0 Comments 10:31 am

चेतावनी अभी जाकर अहसास हुआ है अपनी औकात एक अदना-सा विषाणु अपनी गिरफ्त में ले लेने को उतारु है उस[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Naresh

हे वसुधा तूझे शत शत प्रणाम-नरेश कुमार “निराला”हे वसुधा तूझे शत शत प्रणाम-नरेश कुमार “निराला”

0 Comments 1:19 pm

हे वसुधा तूझे शत-शत प्रणाम भू, भूमि, क्षिति, धरणी, धरित्रि ये सब धरा के पर्यायवाची नाम, वसुंधरा से हमें मिलती[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Manu

उन्मुक्त गगन-मनु कुमारीउन्मुक्त गगन-मनु कुमारी

0 Comments 10:34 am

उन्मुक्त गगन श्रृष्टि के सभी प्राणियों को भाता है स्वतंत्र रहना, पशु हो या पक्षी सभी चाहते हैं उन्मुक्त गगन[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

वृक्ष लगाओ-मधु कुमारीवृक्ष लगाओ-मधु कुमारी

0 Comments 9:19 am

वृक्ष लगाओ वृक्ष लगाओ, वृक्ष लगाओ जीवन अस्तित्व के लिए ऑक्सीजन के श्रोत बढाओ पर्यावरण को ही नहीं अपितु मानव[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

कोरोना का संकेत-लवली कुमारीकोरोना का संकेत-लवली कुमारी

0 Comments 12:35 pm

कोरोना का संकेत हाहाकार मचा है दुनिया में मेरे नाम का खौफ डर-डर कर जी रहे सभी बंद हो गया[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Lovely

रुमाल-लवली वर्मारुमाल-लवली वर्मा

0 Comments 10:23 am

रुमाल एक चीज़ बड़ी कमाल, नाम इसका है रुमाल। कपड़े का टुकड़ा चौकोर, जेब-पर्स में रखते लोग। उद्देश्य एक व्यक्तिगत[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें