प्रकृति की कहानी -गिरींद्र मोहन झा

प्रकृति की कहानी कर्त्तव्य पथ पर लगन, निष्ठा, प्रतिबद्धता के साथ, हर कोई निरंतर चलता ही रहता है निर्विघ्न, अबाध, सूर्य, चंद्र चलता है, न ग्रहण का भय, न किसी…

मन मेरा है मतवाला -रामकिशोर पाठक

मन मेरा है मतवाला- हाकलि मन मेरा है मतवाला। फागुन ने जादू डाला।। दुनिया लगती रंगीली। करती हर-पल अठखेली।। तरुवर पर झूलें झूला। खेतों में सरसों फूला।। उपवन फूलों से…

अच्छे बच्चे सच्चे बच्चे -आशीष अम्बर

बाल कविता शीर्षक : अच्छे बच्चे- सच्चे बच्चे । अच्छे बच्चे सत्य बोलते , सच से सबकी आँख खोलते । अच्छे बच्चे मन के सच्चे, करते नही शिकायत बच्चे ।…

कलम -रामपाल प्रसाद सिंह

कलम । मनहर घनाक्षरी शब्द-शब्द जड़कर,छंद चंद लिखकर, कागज जो कार करे, कलम बेचारी है। चलाती निशाने तीर,बदलती तकदीर, तोडी़ गुलामी जंजीर, यह सदाचारी है। मानस में भाव फले,कलम की…

पायल रामकिशोर पाठक

पायल- कहमुकरी हर स्वर कानों को प्रिय लगता। सुनते ही जैसे चित ठगता।। हो जाती मेरा दिल घायल। क्या सखि? साजन! न सखी! पायल।।०१।। भाता तन से लिपटे रहना। आलिंगन…