बच्चो तुम प्रश्न पूछो – गिरींद्र मोहन झा

बच्चों तुम प्रश्न पूछना ! बच्चों तुम प्रश्न पूछना शिक्षकों से, गुरुजनों से, माता-पिता से, गूगल से, अपने वरेण्य जनों से, तुम्हारे प्रश्नों से ही तुम्हारा स्तर समझा जाता है,…

मंगल रामपाल प्रसाद सिंह

मनहर घनाक्षरी। मंगल नीले-नीले नभ नीचे,हरियाली नैन खींचे, मटर की छिमियों में,स्वाद बलवान है। सर्षप के आसपास,अलसी बसी है खास, नीली-नीली ऑंखवाली,तारे के समान हैं। बौने-बौने मसूरी में,लाल लहू दाने…

आमंत्रण पुष्प ब्यूटी कुमारी

आमंत्रण पुष्प बच्चे हैं उपवन के फूल जिससे सजाते हैं स्कूल। करें हम और आप मिलकर बच्चों का समग्र विकास । अभिभावक से सादर विनती स्कूल को दें समय कीमती…

तीसवां दिन जनवरी के रामपाल प्रसाद सिंह

गीतिका छंद तीसवाॅं दिन जनवरी को,जो हुआ अच्छा नहीं। मार गोली संत हिय को,क्या किया अच्छा कहीं?!! हिल गयी बुनियाद निष्ठा,सब लगे चित्कारने। गोडसे जो भी किये थे,सब लगे धिक्कारने।।…

सूर्य रश्मियाँ रामकिशोर पाठक

सूर्य रश्मियाँ- महाशिव छंद गीत २१२-१२१-२२१-२१२-१२ नित्य सूर्य रश्मियाँ तेज को बिखेरती। दृष्टि बोध को भरे चित्र को उकेरती।। लुप्त हो कभी कभी रूष्टता प्रमाण दे। क्रुद्ध हो गई कभी…

स्वतंत्रता की चिंगारी जैनेंद्र प्रसाद

स्वतंत्रता की चिंगारी (शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि मात्र आधी धोती पर, जीवन गुजार दिया, आधुनिक भारत के, नमन भिखारी को। चरखा से बना खादी, मोहन से बने गांँधी, लोग संत…

छा गया मधुमास- रामकिशोर पाठक

छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया- गजल २१२२-२१२२-२१२२-२१२ छा गया मधुमास हर दिल शायराना हो गया। भाव नव मन में जगी तो गुनगुनाना हो गया।। श्यामली धरती सजी…

पहाड़ा नीतू रानी

विषय -पहाड़ा। शीर्षक -एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा पहाड़ा। एक अंक से शुरू होता है पहाड़ जैसा हमारा पहाड़ा, दिखने में ये लगता बच्चो लाल ,पीला,नीला और…

मुहब्बत है- रामकिशोर पाठक

मुहब्बत है – गजल १२२२-१२२२-१२२२-१२२२ हमें तो हिंद से यारो अधिक इतनी मुहब्बत है। लुटाकर जान भी अपनी इसे करना हिफाजत है।। करे हर-पल वफा जिससे हमारा वह वतन भारत।…