चाहता चरण धूल नहीं मांँगता हूंँ धन, भरा पूरा परिजन, भावना सहित तन-मन हो समर्पित। पास नहीं फल-फूल, चाहता चरण धूल, श्रद्धा सुमन तुझको करता हूंँ अर्पित। तेरी करूणा कि…
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शुभ भोर -रामपाल प्रसाद सिंह
शुभ भोर हो गया उजियारा। मनमोर नाचता है प्यारा।। “अनजान”साॅंस भरपूर लिए। अनमोल ज्ञान भरपूर दिए।। खग जाग भाग कर गगन छुए। पशु दौड़ भाग कर मगन हुए।। कितना लहलह…
बहाता नीर था कोई -एस. के. पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद। (बहाता नीर था कोई) कुसुम जैसा खिले यौवन, प्रफुल्लित था प्रणय पल से। नदी की धार सागर में, उगा था पुष्प हिय तल से। पगों…
प्रेम पुजारी -जैनेंद्र प्रसाद रवि
प्रभाती पुष्प प्रेम पुजारी सभी भक्त प्रेमियों की- करुण पुकार सुन, दुख देख द्रवित हो, जाता है ये कन्हैया। यमुना किनारे रोज- कदम की डाल पर, वसन चुराता कभी, बांसुरी…
समृद्ध भारत -रामकिशोर पाठक
समृद्ध भारत – दोहा छंद गीत है समृद्ध भारत सदा, बौद्धिकता में खास। हमें गर्व होता रहा, है पावन इतिहास।। सत्य सनातन संत से, संशय सदा सुधार। हरपल जग को…
ईश्वर से जुड़े तार -एस. के.पूनम
🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 रूपघनाक्षरी छंद। (ईश्वर से जुड़े तार) उत्कीर्णन पीत वर्ण, रश्मियों का शृंगार है, दिशा प्राची रवि खड़े,करते हैं इंतजार। वहाँ धुआँ उठ रहा, जल रहा अलाव है,…
जाड़े की धूप.. मो आसिफ़ इक़बाल
दुनिया के सारे इंसान बच्चे बूढ़े और जवान देखो कितनी ठंड पड़ी ठिठुर ठिठुर सब हैं परेशान।। अब तो एक ही आस है थोड़े जलावन जो पास है जला के…
जीवन और जल..गिरिंद्र मोहन झा
जीवन और जलकहते भी हैं, जल ही जीवन है,जीवन वही, जैसा तन-मन है,जीवन मानो तो ईश्वर का वर है,है यह जल के सदृश, चर-अचर है,तुम इसे जैसी आकृति देना चाहो,…
पशु अधिकार दिवस…नीतू रानी
विषय – अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस।******************आज है अन्तर्राष्ट्रीय पशु अधिकार दिवस,लेकिन सभी पशु हैं जीने को वेवश। उजड़ रहे हैं पेड़, पौधे, वन,कहाँ रहेंगे पशुओं के सभी जन। सभी पशुओं…
आसरा -रामपाल प्रसाद सिंह
पद्ममाला छंद 8 वर्ण आसरा पास बैठी है। खींचती मर्म की रेखा।। जन्म लेते जिसे देखा। आज माॅं खास बैठी है। आसरा पास बैठी है।। दर्द होने नहीं देती। मात…