जय मां शारदे माँ तू अपने शरण में रखो अब सदा, है नमन कोटि रखना चरण मे सदा. तू दे दे हमें माँ ये आशीष कदा, ज्ञान जीवन में सुरभित…

मान मिल जाए -रामकिशोर पाठक

मान मिल जाए- गजल १२२२-१२२२, १२२२-१२२२ दबे कुचले यहाँ जो भी, उन्हें सम्मान मिल जाए। रहे कानून में समता, सही पहचान मिल जाए।। हमें रखना सदा होगा, यहाँ पर ध्यान…

मैं टीचर ऑफ बिहार हूं -रामकिशोर पाठक

मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ – गीत शिक्षा का अटल आधार हूँ। मैं टीचर्स ऑफ बिहार हूँ।। बच्चों के कोमल भावों को। अपनाकर सभी सुझावों को।। शिक्षण का बना व्यवहार…

सरस्वती प्रार्थना -रामकिशोर पाठक

सरस्वती प्रार्थना- द्विगुणित सुंदरी छंद गीत फँसे मँझधार में हैं, दे दो किनार मैया। कोई मिला न जग में, सुन लो पुकार मैया।। कुछ भी समझ न आए, वक्त निकलता…

बसंत पंचमी

धनाक्षरी छंद में बसंत पंचमी पर्व,खुशी-खुशी मनाते हैं,सभी भक्त माॅं शारदे का आशीष पाते हैं। हर वर्ष यह पर्व,माघ पंचमी को आता,हम सभी पूरी निष्ठा, श्रद्धा से मनाते हैं। हॅंस…

माता वाणी से विनय- रामकिशोर पाठक

माता वाणी से विनय- विधाता छंद गीत पुकारूँ मैं तुम्हें माता, जरा मुझपर तरस खाओ। हरो अज्ञानता मेरी, सहज कुछ ज्ञान दे जाओ।। जरा वीणा बजा दो माँ, सभी सुर…

प्रकट हो माता भवानी रामपाल प्रसाद सिंह

कुंडलिया प्रकट हो मात भवानी। (दुर्गा/पार्वती) मात भवानी प्रेरणा,शक्ति पुंज आधार। धरा अकारण मानती,तेरा ही उपकार।। तेरा ही उपकार,सघन हरियाली छाई। संकट में संसार,आप ही सम्मुख आई।। कहते हैं”अनजान”,अमिट है…

कछुआ -नीतू रानी

विषय -बाल कविता। शीर्षक -कछुआ , बिल्ली, घोड़ा जिराफ। मैंने बनाई चार्ट पेपर से कछुआ, बिल्ली, घोड़ा ,जिराफ, देखने में लगते हैं ओरिजनल और दिखते सुंदर और साफ। बिल्ली घर…