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Ram Kishore Pathak

पुस्तक- रामकिशोर पाठकपुस्तक- रामकिशोर पाठक

0 Comments 11:07 am

पुस्तक- गीता छंद गीत २२१२-२२१२, २२१२-२२१ पुस्तक सदा वरती हमें, शुभ ज्ञान का आधार। है मित्र सच्चा मान लो, सपना[...]

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किताबें – रुचिकाकिताबें – रुचिका

0 Comments 11:04 am

किताबें दर्द में मरहम सी, तन्हाई में सच्ची साथी, खुशियों में साथ रहकर ये अपने होने का एहसास कराती। किताबें[...]

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Ram Kishore Pathak

लड़ी रह गई – रामकिशोर पाठकलड़ी रह गई – रामकिशोर पाठक

0 Comments 8:03 am

लड़ी रह गई- गजल २१२-२१२-२१२-२१२ आँख ज्यों ही लड़ी फिर लड़ी रह गई। मैं उसे वह मुझे देखती रह गई।।[...]

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Girindra Mohan Jha

परोपकार – गिरींद्र मोहन झापरोपकार – गिरींद्र मोहन झा

0 Comments 7:59 am

परोपकार आत्मप्रगति के संग जिनका हो परोपकारी जीवन, उन्हीं का जीवन धन्य है, है धन्य उन्हीं का मरण, अपनी जीवन-यात्रा[...]

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क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमारक्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम – अवधेश कुमार

0 Comments 7:56 am

क्या छूट रहा है प्रकृति प्रेम ? ​वो पीपल की ठंडी छाँव, अब बस यादों में बसती है, विकास के[...]

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vikas

एक दिन बिना बिजली-विकास कुमार सावएक दिन बिना बिजली-विकास कुमार साव

0 Comments 6:00 am

एक दिवस जब बिजली रूठी, सुख-सुविधा की डोरी टूटी। ठिठक गया है सब जन-जीवन, थमा हुआ सा लगता आँगन।। मौन[...]

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मैं और मेरा समाज -नीतू रानीमैं और मेरा समाज -नीतू रानी

0 Comments 11:19 pm

विषय -मैं और मेरा समाज। शीर्षक -ये दोनों देते एक दूसरे का साथ। मैं और मेरा समाज करते हैं, मिलकर[...]

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Ram Kishore Pathak

जग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठकजग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:18 pm

जग कैसे सुख पाए- सार छंद गीत हाहाकार मचा है जग में, कौन किसे समझाए। युद्ध थमेगा अगर नहीं तो,[...]

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किताबों की दुनिया संजय कुमारकिताबों की दुनिया संजय कुमार

0 Comments 6:15 pm

किताबों की दुनिया पार्ट 2 इसकी दुनिया में गाँव का सरल जीवन है जिसमें खेतीवारी और दुनियादारी है तो गाँव[...]

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Ram Kishore Pathak

कमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठककमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठक

0 Comments 10:16 pm

कमल नयन से राधा कहती- राधा रमण छंद गीत १११-१११-२२२-११२ कमल नयन से राधा कहती। निसदिन उर में पीड़ा रहती।।[...]

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