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किशोरी छंद गीत – पदांत गुरु-गुरु अनिवार्य – राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

किशोरी छंद गीत – पदांत गुरु-गुरु अनिवार्य – राम किशोर पाठक

प्रेम पुष्प से जीवन को नित, महकाओ।
कभी किसी के पथ में काँटे, मत लाओ।।

चार दिनों का ही जीवन है, यह प्यारे।
क्योंकर होड़ लिए फिरते हो, तुम सारे।।
सबसे समता भाव लिए तुम, रम जाओ।
कभी किसी के पथ में काँटे, मत लाओ।।०१।।

रोप सको जो नित्य सुमन तो, तुम रोपो।
नहीं पीठ पर छुरी किसी की, तुम घोपो।।
अपनापन व्यवहार सभी से, अपनाओ।
कभी किसी के पथ में काँटे, मत लाओ।।०२।।

सबमें ईश्वर अंश बसा है, पहचानो।
प्रेमिल रहना ही पूजा है, तुम जानो।।
निर्मल मन में दर्श सदा ही, हरि पाओ।
कभी किसी के पथ में काँटे, मत लाओ।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क- ९८३५२३२९७८

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