पहल-रूचिका

पहल जब दूरियाँ बढ़ जाए रिश्तों में पहल कर लो नजदीक आने की दूरियाँ मिटाने की। कोई गलतफहमी जब गाँठ बाँध ले पहल कर लो गाँठें सुलझाने की गलतफहमी मिटाने…

ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।। सजने वाला अपना शाला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०१।। पूजा होगी…

वीर माता क्यों मजबूर हुई-नीतू रानी

वीर‌ माता क्यों मजबूर हुई जब उसपर अत्याचार क्रूर हुई, तभी वीर माता मजबूर हुई। वीर माता पर पुरुषों का बज्र प्रहार, वीर माता खाती रही पुरुषों की मार। वीर…

शून्य दिवस नीतू रानी

-शून्य दिवस। आज है शून्य दिवस, जैसे बिना यात्री का बस। शून्य का मतलब गोल और खाली, जैसे दिखता सूरज की लाली। शून्य का मतलब एक बिंदु होता, जिससे एक…

प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद

प्रभाती पुष्प सफाई काध्यान रूप घनाक्षरी छंद पूजा बाद फल फूल नदियों में बहाकर, प्रदूषण बढ़ाने में, करते हैं योगदान। पवित्र जलाशयों में त्याग कर मल-मूत्र, अपवित्र जल में ही,…