अमृतपान माँ का दूध अमृत समान जिसने भी पिया वो बना बलवान। हृष्ट-पुष्ट और शक्तिमान, नहीं है कोई पान इसके समान। जिसने भी किया है स्तनपान, जग में नाम किया…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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