ईद ईद आई है, ईद आई है, कपड़े नए पहनकर निकले, बच्चे-बूढ़े सारे! उतरे हों आसमान से ज्यों, झिलमिल-झिलमिल तारे। प्यारे से होंठों पर सबके खुशियां छाई है। ईद आई…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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