Tag: गिरिधर कुमार

कोरोना के बाद-गिरिधर कुमार कोरोना के बाद-गिरिधर कुमार 

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कोरोना के बाद और जीत ही गया है जीवन बच्चों की किलकारियां फिर से गूँज पड़ी है स्कूलों में इन[...]

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सुबह होने सा कुछ-गिरिधर कुमारसुबह होने सा कुछ-गिरिधर कुमार

0 Comments 4:48 pm

सुबह होने सा कुछ बच्चे अब आएंगे अपनी किलकारियों के साथ हमें निहाल करने फीकी फिजां में रंग भरने और[...]

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Giridhar

इस बार का दसहरा-गिरिधर कुमारइस बार का दसहरा-गिरिधर कुमार

0 Comments 2:07 pm

इस बार का दसहरा मचलता है मन उठते हैं प्रार्थना के स्वर चीरते हैं जैसे कोरोना के अंधियारे को विश्वास[...]

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कागज की नैया-गिरिधर कुमारकागज की नैया-गिरिधर कुमार

0 Comments 5:33 pm

कागज की नैया इतनी प्यारी सुंदर कितनी ये मेरी कागज की नैया टिप टिप वर्षा रानी बरसे खूब मटकती मेरी[...]

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शिक्षा नये मूल्य-गिरिधर कुमारशिक्षा नये मूल्य-गिरिधर कुमार

0 Comments 4:39 pm

शिक्षा नये मूल्य वह शिक्षित है ऐसा कहते हैं उसे ठगा जाना मुश्किल है वह ठग लेता है आसानी से[...]

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हमारी कविता-गिरिधर कुमारहमारी कविता-गिरिधर कुमार

0 Comments 4:18 pm

हमारी कविता मुझे पता नहीं कैसी है हमारी कविता सुंदर, असुंदर या और कुछ बच्चों की किलकारियाँ शरारतें स्लेट पर[...]

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उसके सपने मेरे सपने, उदास बचपन-गिरिधर कुमारउसके सपने मेरे सपने, उदास बचपन-गिरिधर कुमार

0 Comments 8:51 pm

उसके सपने मेरे सपने बड़े जतन किये समझने के उसकी तोतली जुबान को शब्द सा कुछ नहीं अर्थ सा कुछ[...]

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शिक्षक-गिरिधर कुमारशिक्षक-गिरिधर कुमार

0 Comments 12:26 pm

शिक्षक वह प्रशान्त दिखता है शाश्वत रूप यही है उसका शुरू से सदियों से वह पहला स्नेहिल स्पंदन था जो[...]

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