दोहे – राम किशोर पाठक

दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए कुछ उपकार।यही सीख श्री दे रही, करें जगत स्वीकार।। श्री…

संसार- दोहे – राम किशोर पाठक

संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है झेलता, कहे दुखी संसार। खुशियाँ जिसको हैं मिली, वह करता…

दोहे – राम किशोर पाठक

दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत। सरल साधना संग सह, सहज सुलभ सब संत।। शुभद शिवाला…

दोहे-अशोक कुमार

दोहे जब चीता तीन कदम पिछे की ओर जावे, बयालिस हाथ छलांग लगावे। जब तक चीता खड़ा है बचने का करें प्रयास, जब तीन कदम पिछे हटे न करें बचने…