दोहा – राम किशोर पाठक दोहे छाया पति मार्तण्ड का, स्वागत करती भोर। पक्षीगण गायन करें, नृत्य करे वन मोर।।[...]
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दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक
दोहे श्री निवास घर में करें, जब तक मिलता मान।अहंकार के जागते, कर जाती प्रस्थान।। श्री पाकर सेवा करें, करिए[...]
संसार- दोहे – राम किशोर पाठकसंसार- दोहे – राम किशोर पाठक
संसार- दोहे जैसी मन की भावना, वैसा ही संसार। अपने-अपने कर्म की, झेल रहे सब मार।।०१।। दुख को जो है[...]
दोहे – राम किशोर पाठकदोहे – राम किशोर पाठक
दोहे सोमेश्वर सबके सखा, सहज सुलभ संसार। संकटमोचक सम सदा, सकट सतत संहार।। भ्रमित भँवर भव-भय भुवन, भजन भाव भगवंत।[...]
दोहे-अशोक कुमारदोहे-अशोक कुमार
दोहे जब चीता तीन कदम पिछे की ओर जावे, बयालिस हाथ छलांग लगावे। जब तक चीता खड़ा है बचने का[...]
दोहे-विनय कुमार ओजदोहे-विनय कुमार ओज
दोहे ऋण न किसी का भूलिए, मत भूलें उपकार। ऋण जो आप उतार दें, मन से जाए भार।। वाणी मरहम[...]
