Bhawna पानी – गिरींद्र मोहन झापानी – गिरींद्र मोहन झा October 18, 2025 PRIYANKA PRIYAPRIYANKA PRIYA 0 Comments 9:15 pm पानी तू रंगहीन होती, फिर भी तेरे रंग अनेक,श्रेष्ठ विलायक बनकर तू कितनों को करती एक,आंखों का पानी, हो सबके[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें