प्रेम – एस.के.पूनम

  ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद विषय:-प्रेम – एस.के.पूनम करें हम प्रेम जीवन में, सुखद परिणाम हम पायें। मिटा कर क्लेश लोगों का, भँवर को पार कर जायें। गहन हैं…

लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।।

लिखना पहला प्रेम साबित हुआ।। लिखना सबसे बड़ा गुनाह था हम गुनहगार हुए जन्म के साथ ही झाड़ू कटका में हम निपुण हुए सुबह की चाय पिता के बिस्तर छोड़ते…

प्रेम-अनुज वर्मा

प्रेम प्रेम जगत की आस, प्रेम जगत की प्यास।  प्रेम बड़ा उपहार है, बिन इसके सब बेकार है।  प्रेम से इर्ष्या दूर हो, प्रेम वाले मशहूर हो।  जीवन में सुकून…