धन्य है इस धरती की जननी,जो जनती ऐसे लाल को।अपने लहू से तिलक लगाते,भारत माँ के भाल को। सात रंग से उन्हें क्या मतलबखाकी उनकी पहचान है।जीते तिरंगा, मरते तिरंगा,तिरंगा…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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