Tag: भाव हृदय शिवमय रखें

दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’दोहावली – देवकांत मिश्र ‘दिव्य’

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गिरिजापति भूतेश शिव, आया हूँ दरबार। विनती बारंबार है, करिए बेड़ा पार।। अंतक अक्षय आप हो, उमापति विश्वनाथ। नीलकंठ शिवमय[...]

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