मैं त्रयलोकपावनी गंगा हूँ-मनु कुमारी

मैं त्रयलोकपावनी गंगा हूँ मैं हूँ गंगा! त्रयलोकपावनी, पापनाशिनी, भवमोचिनी , भवतारिणी, भवभामिनी गंगा l मैं हूँ सकल मनोरथ पूर्ण कामिनी, कर स्नान मुझमें प्राणी पाते हैं, सभी कष्टों से…

मुबारक टीचर्स ऑफ बिहार-मनु कुमारी 

मुबारक टीचर्स ऑफ बिहार टी. ओ. बी के द्वितीय वर्षगाँठ पर, दूं मैं क्या उपहार! मुबारक़ टीचर्स ऑफ बिहार।  20 जनवरी का वह शुभ दिन, जिस दिन यह अस्तित्व में…

रिश्तों का मेला-मनु कुमारी

रिश्तों का मेला सबसे सुंदर, सबसे मनहर, होता यह रिश्तों का मेला, मिल-जुलकर सब हँसते-गाते, प्यार बाँटते जश्न मनाते, कोई न रहता यहाँ अकेला। रिश्तों का यह अनुपम मेला… समाज…

माया-मनु कुमारी

माया माया तुम हो चतुर सयानी। तुम ऐसे राजा की रानी, जिसकी सुनी है सभी कहानी, तुम हो सबको ठगनेवाली, पग-पग नाच नचाने वाली, मोहजाल में फंसकर तेरे भ्रमित हुए…

बाल अधिकार-मनु कुमारी

बाल अधिकार बाल दिवस पर आओ बच्चों, करती हूँ “बाल अधिकार” की बात। इसे सुनलो, समझो और गुनो, मिलेगी खुशियों की सौगात। वर्ष 1959 ई० में बाल अधिकार की घोषणा…

बाल दिवस-मनु कुमारी

बाल दिवस आओ बच्चे तुम्हें बताएं यह, बाल दिवस क्या होता है। नवंबर महीने में हीं क्यों, पूरे देश में मनाया जाता है। 14 नवंबर 1889 ई0 को, एक महापुरुष…