मीठी बोली कड़वी बोली से मानव, संसार में अपयश पाता है। मीठी बोली से हीं वह तीनों लोकों में यश पाता है।। काँव- काँव करके कौआ न, किसी के मन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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