रहमत के बंदे रहीम आसमां से आया फरिश्ता, प्यार का सबक सिखलाने, सरजमीं पर रहमत बरसाने, चारों तरफ समभाव जताने, कलम और तलवार था जिनका, आसानी से एक ही कमान,…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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