Tag: रानी कुमारी

क्यों बैठा मन मार राही-रानी कुमारीक्यों बैठा मन मार राही-रानी कुमारी

0 Comments 2:54 pm

क्यों बैठा मन मार राही सफर अभी शेष है समर अभी शेष है चंद ठोकरों से घबराकर क्यों बैठा मन[...]

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आओ करें वन की रखवाली-रानी कुमारीआओ करें वन की रखवाली-रानी कुमारी

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आओ करें वन की रखवाली छोटे-छोटे, बड़े-बड़े पेड़-पौधे हरे-भरे जीव-जगत के रखवाले धरती माँ के ये गहने सारे। पशु-पक्षियों ने[...]

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पेड़-रानी कुमारीपेड़-रानी कुमारी

0 Comments 10:22 am

पेड़ सारी सृष्टि सुशोभित मुझसे युगों-युगों से राज है मेरा न जाने कितनी कहाँनियाँ समाहित है मुझमें आज मैं अपने[...]

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मुनिया मेरी पढ़ेगी-रानी कुमारीमुनिया मेरी पढ़ेगी-रानी कुमारी

0 Comments 1:10 pm

मुनिया मेरी पढ़ेगी अब मुनिया मेरी पढ़ेगी किस्मत अपनी गढ़ेगी। बस्ता अपना उठाएगी रोज विद्यालय जाएगी हाथ पेंसिल पकड़ेगी स्लेट[...]

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हिंदी सबको जोड़ने वाली-रानी कुमारीहिंदी सबको जोड़ने वाली-रानी कुमारी

0 Comments 9:50 am

हिंदी सबको जोड़ने वाली तेरी तोतली जुबान से तुतलायी हूँ लोरियों संग झूम-झूम तुम्हें मीठी नींद सुलायी हूँ। तेरी किलकारी[...]

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आओ प्यारे बच्चों आओ-रानी कुमारीआओ प्यारे बच्चों आओ-रानी कुमारी

0 Comments 4:02 pm

आओ प्यारे बच्चों आओ हँसते-गाते, झूमते आओ आओ प्यारे बच्चों आओ। आओ इन पौधों से मैं बात करा दूँ, फूलों[...]

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नन्हीं गोरैया-रानी कुमारीनन्हीं गोरैया-रानी कुमारी

0 Comments 11:06 am

नन्ही गोरैया ओ री चिरैया नन्ही गोरैया आ जा री वापस पड़ती हूँ पैंया। उड़-उड़ के आना जी भर के[...]

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