Bhakti दस्तूर दुनिया की- विधाता छंद मुक्तक- राम किशोर पाठकदस्तूर दुनिया की- विधाता छंद मुक्तक- राम किशोर पाठक October 9, 2025 PRIYANKA PRIYAPRIYANKA PRIYA 0 Comments 5:50 am विधाता छंद मुक्तक जिसे रोना नहीं आया उसे कोई नहीं समझा।गमों के दौर से बोलो नहीं वह कौन जो उलझा।सदा[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें