सृष्टि पर, यशस्वी कर्मठ, संत हुए एक महान, थी उनकी अलग पहचान। सरल सौम्यता, थी जिनकी शान, वो कोई और नहीं, विवेकानंद थे महान। अद्भुत तेज, धैर्य गुण सहेज, प्रतिभा…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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