सदाचार सदाचार का गुण अपनाएँ सच्ची पूँजी इसे बतलाएँ। अमित तोष आनंद बढ़ेगा जीवन मधुरिम और दिखेगा।। अमिय समान बहुत गुणकारी है आभूषण असली प्यारी। मीठे वचन सभी से बोलें…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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