Tag: स्नेहलता द्विवेदी आर्या

कहती रही अम्मा-स्नेहलता द्विवेदी आर्याकहती रही अम्मा-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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कहती रही अम्मा तुम हाथ साफ रखना, यह कहतीं रहीं अम्मा, स्नान ध्यान करना कहतीं रहीं अम्मा। अब आ गया[...]

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जख्मों को सहलाते रहिये-स्नेहलता द्विवेदी आर्याजख्मों को सहलाते रहिये-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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ज़ख्मों को सहलाते रहिये दिल की रीत निभाते रहिये, जख्मों को सहलाते रहिये। संकट में है पड़ी मानवता, मानव धर्म[...]

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मेरे गुरु-स्नेहलता द्विवेदी आर्यामेरे गुरु-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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मेरे गुरु वो हैं गुरु जो कुछ भी सिखाते हैं रात दिन, मेरे ही मन की प्यास बुझाते हैं रात[...]

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जल-जीवन-स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”जल-जीवन-स्नेहलता द्विवेदी “आर्या”

0 Comments 12:38 pm

जल-जीवन जल की कहानी तुम्हे क्या सुनानी, नदी या नहर में समंदर नूरानी, खाने का पानी या पीने का पानी,[...]

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भारत के नवनिहाल-स्नेहलता द्विवेदी आर्याभारत के नवनिहाल-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

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भारत के नवनिहाल भारत के नवनिहाल सुनो, गान देश का, रखना तुन्हें संभाल है, स्वाभिमान देश का। इस देश का[...]

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गाँधी को गढ़ना होगा-स्नेहलता द्विवेदी आर्यागाँधी को गढ़ना होगा-स्नेहलता द्विवेदी आर्या

0 Comments 1:46 pm

गाँधी को गढ़ना होगा मानवता के मनोभाव को निर्मल से करने के लिए, मधुर जीवन के सरस भाव को अमृतमय[...]

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मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’मैं शिक्षक हूँ-स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’

0 Comments 11:19 am

मैं शिक्षक हूँ मैनें तो सूरज चाँद रचा, इस जीवन का सम्मान रचा, नव अंकुर नव कोपलों में, रच बस[...]

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