हरा पेड़ मत काटे कोई हरे पेड़ मत काटे कोई, शुद्ध हवा नहीं मिल पाएंगे। पेड़ अगर कट गए जो सारे, जंगल जीवन न बच पाएंगे॥ जंगल में ही रहते…
SHARE WITH US
Share Your Story on
स्वरचित कविता का प्रकाशन
Recent Post
- Primary Teacher
- रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
- विश्व हिंदी दिवस – राम किशोर पाठक
- बाल विवाह: एक अभिशाप – भवानंद सिंह
- मेरी बेटी – सुमन सौरभ
- बाल अभिलाषा – अमितेश कुमार (मलिकौरिया)
- मत कर अभी ब्याह मेरी मैया – नमन मंच – नीतू रानी
- सावित्री बाई फुले – सुमन सौरभ
- कलाधर छंद – रामपाल प्रसाद सिंह अनजान
- स्वास्थ्य – बैकुंठ बिहारी