और हम छूट गए तुम चले गए पर हम छूट गए। वक्त बीत गया पर हम छूट गए। सुनी पड़ी[...]
Tag: Vijay Singh Neelkantha
ख्वाब-श्री विमल कुमारख्वाब-श्री विमल कुमार
वो ख्वाब था एक सपना था एक हकीकत था एक यादगार था। एक तेज आंधी आयी तूफान की झोंका आयी[...]
श्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रविश्रद्धा सुमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि
तिनका तिनका जोड़ कर टी ओ वी सा महल बनाया। अपने शब्द,स्नेह और ज्ञान से शिक्षकों ने इसे सजाया।। नाम,[...]
खौफ-सीमा संगसारखौफ-सीमा संगसार
झांकती हुई दो सूनी आंखों में खौफ नहीं जीवन जी लेने की तत्परता है दोनों कानों पर झूलता हुआ बित्ते[...]
अपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्रअपना भेज के अंतिम संदेश-रमेश कुमार मिश्र
अपना भेज के अंतिम संदेश,छोड़ के अपना देश, परदेश तुम चले गए,परदेश क्यों चले गए बदल के अपना भेष,खुश रहने[...]
Save your life-Vijay Singh NeelkanthaSave your life-Vijay Singh Neelkantha
Save your life Save your life save your life of own children and of wife Remain indoor leave outdoor Spend[...]
पानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठपानी की बर्बादी रोको-विजय सिंह नीलकण्ठ
पानी की बर्बादी रोको पानी की बर्बादी रोको बर्बाद करे जो उसको टोको जल स्रोतों को ध्यान से देखो कूड़े[...]
सहयोगी-विजय सिंह नीलकण्ठसहयोगी-विजय सिंह नीलकण्ठ
सहयोगी बिन सहयोगी एक पल भी जीना मुश्किल हो जाता है भाई बहन व बेटा बेटी पत्नी सह पिता व[...]
आदर्श-विजय सिंह नीलकण्ठआदर्श-विजय सिंह नीलकण्ठ
आदर्श सुनने में लगता सरल लेकिन रहता काफी विरल पर जिसके पीछे लग जाए बना दे उसे निर्मल। गाँव शहर[...]
Teacher O Teacher-Vijay Singh NeelkanthaTeacher O Teacher-Vijay Singh Neelkantha
Teacher O Teacher Teacher O Teacher You have many features Give me signature And make my future You are great[...]
