गुरु मात पिता धन मानिये, दियो शरीर बनाय। ता पर माँ ममतामयी, प्रथम गुरु बन धाय।। खेल कूद कर बढ़[...]
Day: October 26, 2020
दोहे-विनय कुमार ओजदोहे-विनय कुमार ओज
दोहे ऋण न किसी का भूलिए, मत भूलें उपकार। ऋण जो आप उतार दें, मन से जाए भार।। वाणी मरहम[...]
