नश्वर दुनियाँ कितनी नश्वर है प्रभु तेरी दुनियाँ फिर भी पल-पल द्वेष बढ़ आए स्वार्थपाश में बँधे हुए सब ही[...]
Day: December 22, 2020
माँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरणमाँ मैं तेरी बेटी हूँ-आँचल शरण
माँ मैं तेरी बेटी हूँ माँ! मैं तेरी बेटी हूँ, तेरे खून का कतरा हूँ मत बनने दे मुझे किस्सा[...]
माँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तवमाँ मुझको अब पढ़ना है-डाॅ. अनुपमा श्रीवास्तव
माँ मुझको अब पढ़ना है माँ मुझको अब पढ़ना है सबसे आगे बढ़ना है, देखा था जो तुमने सपना उसको[...]
सर्दी की शरारत-अपराजिता कुमारीसर्दी की शरारत-अपराजिता कुमारी
सर्दी की शरारत 💨कोहरे का लिहाफ ओढे ठिठुराती कपकपाती, कनकनाती सर्दी 🌤️सूरज को आगोश में छुपाती धरती को ठंड की[...]
