हजार पैबन्द लगी चिथड़े चिथड़े से बुनी बनी टुकड़ों में बुदबुदाती कविता… रास्ते के उदास मील के पत्थर की[...]
Day: July 22, 2021
सद्गुरु शत शत तुम्हे प्रणाम-दिलीप कुमार गुप्तसद्गुरु शत शत तुम्हे प्रणाम-दिलीप कुमार गुप्त
सद्गुरु शत शत तुम्हे प्रणाम हे गुरुवर, हे दयानिधे! आपके हैं अनंत उपकार आत्मज्ञान की ज्योति जलाकर सदज्ञान का पियूष[...]
