वर्षा रानी कभी फुहारा बन बरसती धरती को सरस बनाती चारो और हरियाली छाई। कभी मोटे बूंदो वाली बहुत हुआ[...]
Day: September 2, 2021
नटखट कान्हा-अनुज वर्मानटखट कान्हा-अनुज वर्मा
नटखट कान्हा मन चंचल साँवला तन, जिनको करता सब नमन। उनको गौ से है मीत, बाँसुरी वादन में है प्रीत।[...]
