Prem हृदयवासिनी-गौतम भारतीहृदयवासिनी-गौतम भारती January 16, 2022 Vijay Bahadur SinghVijay Bahadur Singh 0 Comments 10:55 am हृदयवासिनी सजग नयन की नूर लिये सीरत सहज प्रवासिनी। आ पड़ी अधिवास को अक्षुण्ण अधिकार, प्रकाशिनि।। चमक उठी वो सूरत[...] और पढ़ेंऔर पढ़ें